प्रयास कुछ बेहतर के लिए..... सबको खुश रहने का हक़ है,अपने दिल की कहने का हक़ है... बस इसी सोच को बढावा देने का ये प्रयास है.

#बारिश
      ये जो बरसात है सब कुछ है बस तेरा नहीं साथ है,कुछ पल भीग जाऊ में भी हाथ लिए तेरे हाथ को....


न रहे कोई दूरी हम ऐसे साथ हो.. प्यार की बरसात हो तू मुझमे खोया रहे और मुझे भी बस तू ही याद हो।


अब कुछ ऐसे बरस के तर हो जाये ये मन की धरती न तुझमे कुछ बाकी रहे न मेरी बचे कोई ख़्वाईसे अधूरी, हो खुले अस्मा के नीचे और तारे साथी हो कुछ साँसों में बातें कुछ खामोशियाँ हो ज़रूरी....


वक़्त भी थम जाए तब तू मेरे क़रीब आये न दूरी हो न मजबुरी हो बस तू मेरे लिए मैं तेरे लिए ज़रूरी हो.......😊
#mani

प्रयास कुछ बेहतर के लिए..... सबको खुश रहने का हक़ है,अपने दिल की कहने का हक़ है... बस इसी सोच को बढावा देने का ये प्रयास है.

#सब
सब बिकता है यहाँ मिट्टी तवा बनकर,
फ़ितरत बदलते देखा है मैंने दारू को दवा बनकर।

आसमा को भी देखा रंग बदलते मौसम के साथ में,
लोगों को देखा मैंने एक दूसरे को आंकते औकात में।


मैंने वक़्त बेचते देखा है मरते किसी को देख लोगों को आँखे सेकते देखा है,
 काम से है नौकरी-यारी-रिश्तेदारी है वरना मतलब के बाद मैंने लोगों से लोगों को अलग होते देखा है।

 
झूठ बिकता अख़बार में...यहाँ सच भी बिकाऊ हैं...दाम तो लगाओ यहाँ सब कीमत के वफ़ादार है, हारने के ज्यादा पैसे है जीत की अब अहमियत कहाँ... कर्म कोई करना नहीं चाहता पर फल के सब यहाँ हकदार है।
#mani
प्रयास कुछ बेहतर के लिए..... सबको खुश रहने का हक़ है,अपने दिल की कहने का हक़ है... बस इसी सोच को बढावा देने का ये प्रयास है.

#रास्तें
बचपन किस रास्ते जवानी को चला गया पता ही न पड़ा,
मैं था हाथ मे कुछ फाइले ऑफिस की लिए यहाँ मेरे जैसा ही कोई था दूसरी तरफ़ बेट लिए खड़ा।


बारिश का होना अब कीचड़ से ज़्यादा कहा रास आता है वो वक़्त और थे जब कश्तियां हमारी भी तेरा करती थी,
आज नौकरी के चक्कर में वक़्त का पता नहीं चलता वरना भाग जाते थे हम जब स्कूल खत्म होने की घंटी बजती थी।


बड़े इत्मिनान से खाते थे वो अचार पराठा जो माँ टिफ़िन में दिया करती थी,
कुछ तो बात थी बचपन में जो तब ज़ुबान झूठी कसमें खाने से भी डरती थी।


क्या वक़्त आ गया है अब छुट्टी मांगने के लिए किसी को भी बीमार बता देते है,
लोगों से एक कहो वो आगे चार लगा देते है।


अब वो बचपन के मासूमियत के रास्ते पर प्लोट काट के स्टेटस के दिखावे का मकान खड़ा हो गया ,
हम भी मुँहफट से डिप्लोमेटिक और हमारा भी बचपन बड़ा हो गया।
#mani
प्रयास कुछ बेहतर के लिए..... सबको खुश रहने का हक़ है,अपने दिल की कहने का हक़ है... बस इसी सोच को बढावा देने का ये प्रयास है.

#यूँही
आज चाँद भी कुछ कम रोशन है बादलों की बाहों में, धरती भी बेसुध है कुछ बूंद प्यार से....

ये जो घमस है दोनों के मिलन पर ये अरसे भर तड़प की निशानी है, वो राधा में डूबे रहे और मीरा आज भी दीवानी है।

हवाओं में जो ये किसी के आंसुओं की नमी है, कौन है यहाँ जिसको सब मिला सब मे कुछ न कुछ कमी है।

सपनों की दुनियां में जी कर सब खुश है बस सच्चाई से ही कोई मिलना नहीं चाहता,दिल को तसली देने को बहानों को नौकरी पर रखा है बस इंतेज़ार का ईलाज नहीं होता।

वक़्त की नौकरी करो यादों की जायदात बनाओ बुढ़ापे में ख़र्च करो और शमशान में सो जाओ।

#mani

प्रयास कुछ बेहतर के लिए..... सबको खुश रहने का हक़ है,अपने दिल की कहने का हक़ है... बस इसी सोच को बढावा देने का ये प्रयास है. # ख्यालों_में ...