Monday, 29 May 2017

प्रयास कुछ बेहतर के लिए..... सबको खुश रहने का हक़ है,अपने दिल की कहने का हक़ है... बस इसी सोच को बढ़ावा देने का ये प्रयास है.


#काश
वो पल बड़ा याद आता है जब वो बीत जाता है,
जानते सब पर समझते नहीं है के बिता वक़्त लौट के कहाँ आता है।

काश वो वक़्त भी आये जब सच्ची खुशि का मतलब समझ जाए, 
कभी पापा संग एक chess का गेम हो जाये और बहुत दिन हुवे माँ के पाँव दबाये।

कल जब कोई दूर चला जयेगा जो लौटेगा तो नहीं पर याद रोज़ आएगा, 
खुद ही बनानी पड़ती ही यादे जनाब वरना सही वक्त के इंतेज़ार में अक़्सर मायूसी रह जयेगी।

जिदगी खर्च हो गई आधी क़ाबिल बनने में आधी कमाई करने में, 
कइयों को देखा है मैंने मलाल करते पहले अनदेखा करते हुवे बाद में हाथ मलते हुवे।


अपनों के साथ वक़्त बिताओ खुशि बांटो हँसी बाटो, क्या पता कल आप हो वो हो न हो......
#mani

Friday, 5 May 2017

प्रयास कुछ बेहतर के लिए..... सबको खुश रहने का हक़ है,अपने दिल की कहने का हक़ है...




कैसे आधे मन से तुझे जीलूँ जब आजतक आधा-अधूरा कुछ किया नहीं, 
सब तो पता है तुझे क्यों चुकाऊँ कोई भी बोझ जब मैंने तुझसे उधार कुछ लिया नहीँ।

बहुत लंबी list है तुझसे हिसाब बाद का रहा अभी वो बेफिक्री वाली हँसी ढूंढना बाकि है,
दो पल ख़र्च करलू ख्वाइशों पर ये तमीज़-तहज़ीब दिखाने को अभी उम्र बाकि हैं।

कुछ यादों से धूल हटानी बाकि है तो कुछ मन के संदूकों में आग लगानी बाकि है,
वो कागज़ की कश्ती,वो बर्फ की चुस्की इस तन्खा परसत शरीर को अभी बचपन याद दिलाना बाकि है।

कुछ पास है उन्हें ख़ास बनाना बाकि है कुछ तमन्नाएं बाग़ी उन्हें अयना दिखाना बाकि है,
रोज़ कब्बडी खेलते है दिल और दिमाग सही-गलत के अखाड़े में अभी किसी एक को चित कराना बाकी है।

#Mani

dancing doggi

#नौकरी

#घर_नौकरी  छोड़ आया उन्हें जिन्होंने कभी हमे न अकेला छोड़ा था, कमाने के बहाने जब हमने घर छोड़ा था। घर भी अपने अब मोहलत पर जाते है, ...