Friday, 5 December 2014

जिंदगी जिंदादिली का नाम है.…

जिंदगी बातें और यादें ……
                ये जिंदगी सांसे एक दिन खत्म हो जानी है आखिर में सिर्फ बातें और यादें ही रहती है,जैसे ये धरती गोल है जीवन का चक्र भी गोल घूमता है। कल को जो कहानियाँ माँ तुम्हे सुनाती थी आज वही तुम अपने बच्चों को बताओगे,कल तक पापा की बातो का डांट का बुरा लगता था आज खुद के बच्चे हुवे तो जाना के वो सही थे।कल की गलतियाँ आज का तज़ुर्बा बनेगी,चीज़ें खो भी जएंगी पर यादों हमेशा साथ रहेंगी।
             मरने से पहले ढंग से जी लेना क्यूंकि जिंदगी जीने के दो ही तरीके है पहला "पूरी जिंदगी भर एक ही काम करते करते गुज़ार लेना और दूसरा एक ही जिंदगी में सब कुछ कर जाना" ये उसी तरह है जैसे बचपन में रेत के टीले बनाते तो थे पर वो कब तक टिका रहेगा या कब कौन सी लहरें उसे तोड़ जाये इसका पता नहीं चलता था इसलिए जीवन में हर चीज़ अनुभव करो.…क्युकी अगर नहीं की तो जब कभी यादों के साथ बैठोगे तो बस खुद से इतना ही कह पाओगे काश.…
             दुनिया में आने की वजह और जाने का समय न कोई जान पाया है और जान भी गया तो फ़िक्र ही करेगा,हम सब के पास एक ही लिमिटेड एडिशन लाइफ है तो क्यों इसे फ़िज़ूल की चीज़ो पर खर्च करे। बहुत कुछ है यहाँ हर दिन कुछ सिखने को नयी चीज़े करने को गिरने को फिर सम्भलने को,कोई छिन नहीं सकता तुमसे तुम्हारी खुशिया जो है पर रोना भी तुमको ही पड़ेगा अपने हिस्से के आँसू भी। 
             यहाँ अच्छा-बुरा सब सोच का फर्क है क्यूंकि तुम्हारे बीमार पड़ने से डॉक्टर का भला है और तुम्हारे जीतने से किसी की हार हर चीज़ आपस में एक-दूसरे से जुडी है,तो बस ये सोच के जियो के तुम इस खूबसूरत दुनिया को और अच्छी बनाने आये हो।विश्वास से बड़ी कोई ताकत नहीं है कभी मन में किसी चीज़ को लेकर कोई संकोच हो,तो वो चीज़ कर लेना क्युकी न करके पछताने से अच्छा है कर के पछताना क्यूंकि जो सोचा वो मिल गया तो ठीक वरना असफल होने से एक और अच्छी चीज़ मिलेगी तज़ुर्बा(अनुभव) जो की तुम्हे अच्छे-बुरे में फ़र्क करना सिखयेगा। 
                  हर किसी की अपनी मुश्किलें होंगी किसी को पहले ही बुरा मत समझ लेना क्युकी गलती तुम भी करते हो,तो दुसरो को उतने की मोके देना जितना खुद के लिए उमीद करते हो।सब तुम्हारे जैसे ही यहाँ कोई भी अलग नहीं है भूख सबको लगती है,नींद सबको आती है धुप-छाओ सबके लिए एक ही है तो जितना ख्याल खुद की खुशियों का रखते हो दूसरों की खुशियों के लिए भी उतना ही प्रयास करना,खुल के हँसना तन से बड़ा होना मन से नहीं क्युकी जिस दिन ये बचपना गया वो मासूमियत गयी उस दिन समझ लेना जिंदगी बौझ लगने लगेगी।
                      यहाँ अच्छे दिन भी आयंगे और बुरे भी कभी भूखे पेट भी सोना पड़ेगा कभी हस्ते हस्ते भी रोना पड़ेगा जीवन के रंगमंच पर अपना किरदार आपको ही निभाना है तो अच्छे दिनों पर घमंड मत करना और बुरे दिनों में हताश ना होना,सबपर भरोसा करना सबको प्यार करना क्यूंकि यहाँ सबको प्यार की बहुत जरूरत है अकेले रहकर सिर्फ स्कूल के इन्तेहाँ दे सकते हो अगर जिंदगी के पेपर में अवल आना है तो सबका साथ लेना ही पड़ेगा।अकेले यादें नहीं बनती क्या फयदा तेरी खुशी का अगर साथ बांटने के लिए एक भी यार नहीं,डॉलर कमा भी लिया तो क्या जब घरवालों संग एक भी त्यौहार नहीं??? 
                लोग मिलेंगे साथ चलेंगे कोई पीछे छूट जाये तो उसका हाथ थामना उसे अकेला मत छोड़ना क्यूंकि याद रखना तुम्हारे अकेले वक़्त पर किसने तुम्हारा साथ दिया और ये भी मत भूलना के कभी तुम भी पीछे छूट सकते हो,तो आखिर में इतना ही कहना चाहूंगा के जीवन में हर अहसास को महसूस करना ताकि आखिर में काश कहने की नौबत ना आये.…

:-मनीष पुंडीर


inspired by-

KHAT ||EmotionalFulls


             

       
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