मतलबी दुनिया.........

ये दुनिया है यहाँ आदमी याद मतलब तक.. 



सभी है मतलब से यहाँ बस सभी मतलबों के मायने अलग है,
कड़वी है बात पर आखरी वक़्त में कोई ना रहता साथ…। 

अंधे को रास्ता तो कोई भी पार देता है करवा,पर आँखे देने वाले कम ही होते है.. 
याद रखें इस बात का जो जिंदगी में कभी हाल पूछने नहीं आये वही सबसे जयादा आंसू रोते  है.। 

"डॉक्टर यही चाहता है के आप बीमार पड़ो,
कफ़न बेचने वाला आपके यहाँ किसी के मरने की राह देखता है।
एक  वक़ील  हर वक़्त आपके घर में कलेश होने की दुवा करता है.… 
सिर्फ एक चोर है जो आपके सुख चेन की नींद भगवान से मांगता है"

इंसान की बहुत पुरानी आदत है अपनी सारी  गलती किस्मत पर थोपना..... 
देख कर चलते नहीं खुद और ठोकर लगने पर पत्थर को दोष देते है.। 

मतलब के लिए भगवान को भी "स्कीम्स" के लपेटे में लपेटा जाता है.… 
खुद सरसों का तेल खाने वाला,चढ़ावे के लिए लड्डू भी देसी घी के लाता है.। 

मैंने देखा है लोगों को दूसरों की औक़ात के हिसाब से अपना लगाव तोलते हुवे…… 
अपने मतलब की रोटी सेकने को सामने भला कहने वालो को,पीठ पीछे बड़ा मुँह  खोलते हुवे।


हमने नही छोड़ा किसी को,जिसका मन भरता गया वो हमें भूलते गए..
हम उनकी ख़ुशी के लिए उन्हें हसाते गए और वो जोकर समझ हमारा मजाक बनाते गये.

हद तो तब हुई जब उन्हें आदत हो गयी मुस्कुराने कि और वो कीमत पूछने लगी उन्हें हसाने कि.। 

:-मनीष पुंडीर 
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Mushayera || funny_shyari || Manish Pundir

https://www.youtube.com/watch?v=yk0MhlO07kk ho rhe ho bore.. to kis bat ka wait hai... dekho mushyera nawab shaab ka... hassi a...