Saturday, 14 April 2018

#शर्म

#शर्म
क्या हो रहा ये आजकल इंसान को, इंसानियत भूल बन रहा दिन पर दिन शैतान वो।

मंदिर में लक्ष्मी को पूजता है पर असल में कोई इज्ज़त नहीं,ऐसे कुत्तों को बीच चोहराहे पर टांग दो इनके लिए यही है सही।

आबरू न बुरखे में बची न महफूज़ फ्रॉक में,कपड़ों का दोष नहीं गंद है लोगो की सोच में।

शर्म आती है देख कर इंसान हेवान होता जा रहा, वक़्त वो आ गया एक बेटी को बाप पर और एक बहन को भाई पर भरोसा न रहा।

8 महीने की हो 18 की या हो अठाईस साल की लड़की है वो जागीर नहीं तेरे बाप की।

मोमबत्ती जला के दुख ज़ाहिर करने वालो दो महीने बाद फिर इंतज़ार करना मौका फिर मिलेगा,जब तक जात धर्म और राजनीति के चक्र में फंसे रहोगे तो ऐसे ही चलेगा।

आज यकीन होता है कानून सच में अंधा है और इंसाफ एक अफ़वा है,इतनी सी अब शर्म रखना अपनी बेटियों से पहले अपने बेटों पर भी नज़र रखना।

😶

Saturday, 31 March 2018

काला

#काला
क्यों नफ़रत है काले रंग से जब पूजते श्याम और काली को,शादी के लिए रंग चाइए गोरा भले क्यों न दिल से खाली हो।

आंखो में काजल लगा के यू जो इतराते हो,नज़र से बचाने के लिए काला टीका क्यों लगाते हो??

काला धागा बांध के जो बेखौफ यू हो जाते हो,क्यों काले कवो को बुला के खाना खिलाते हो।

गोरे मुखड़े पर काले तिल की तारीफ़ किए थकते नहीं,और कोई काली बिली रास्ता काट जाए तो उसे आगे बढते नहीं।

इतना जो मन में संकोच लिए बैठे हो क्यों अपने कंधो पर अंधविश्वास का बोझ लिए बैठे हो।

रंग के जंजाल में कबतक रहोगे इस हाल में, सबको राख होना है एक दिन मत करो गुरूर इस खाल पे।

#mani

Thursday, 8 March 2018

Parmotion of life

#तरक्की
कभी सोचता हूँ अकेले मैं बैठे कभी के क्या जिंदगी में तूने कमाया है,
जवाब एक ही मिलता है थोड़ा पाने के लिए तूने बहुत कुछ गवाया है।

न सुकून मिला न खुशि पर फ़िक्र ने उम्र भर साथ निभाया है,
किसे सुनाये अपनी हमने तो दूसरों की हस्सी के लिए खुद को सताया है।

न आंसू बचे न मुस्कान रही होंटो पर वक़्त किसका हुवा,
बड़ी देर लगी समझने में के गया समय कभी लौट के नहीं आया है।

कुछ चन्द पैसों के लिए मैंने कई अनमोल लम्हें खोये है,
सबकों हस्सी देकर अक्सर हम अकेले में खूब रोये है।

आगे बढ़ने के लिए असली खुद को कही दूर पीछे छोड़ आया हूँ,
अब तो दिखावे की दुनीया है जो पसंद है वहीँ लाया हूँ।

सबको वो सुनाया जो वो सुनना चाहते रहे,
अक्सर कुछ अपनों के लिए हम कुछ अपने गवाते रहे।

तरक्की इतनी हुई के अब अपने अंदर के बच्चे को मारके हम बड़े हो गए, 
मासूमियत का गाला दबा के चालाकी संग दोस्ती करके अपने पैरों पर खड़े हो गए।

:= मनीष पुंडीर

Wednesday, 7 March 2018

Woman's day

#happy_woman's_day
हर मोड़ पर तेरा सहारा है,
तेरे बिन न मेरा गुजारा है।

हर किरदार तूने बखूबी निभाया है,
मकान को घर तूने ही बनाया है।

कभी माँ ,कभी बहन, 
कभी दोस्त तो कभी बेटी बन जिंदगी में हँसने की वजह दी है,
हमेशा मेरी खुशियों के लिए तूने अपने हिस्से में कटौती की है।

कभी मीरा बन कहानी बन गयी तो कभी दादी-नानी बन कहानी सुनाई है,
मुझे दुनियां में लाने को दर्द तूने सहा नसमझ था तमीज़ तूने ही सिखाई है।

जिंदगी के इस रंगमंच पर मेरा किरदार तुम सबकी वजह से ही खूबसूरत है,
मुझे न बताना आता है और न जताना आता है पर मुझे हर सही-ग़लत में तेरी जरूरत है।

हर रूप को इनके तुम नमस्कार करो,ख्याल रखो खुश् रखो और इनका सम्मान करो।
:= मनीष पुंडीर

Sunday, 25 February 2018

फ़ुरसत

#फुरसत
बड़ी मशरूफ है जिंदगी अब उसे मेरे लिए फुरसत नहीं मिलती, 
पहले जो ख़्याल से भी खुश थे अब तो यादों से भी राहत नहीं मिलती।

ना जाने कितने मन मारे हमने भी कुछ जिम्मेदारियों की यारी में, 
कट रही है अपनी भी आधी कमाने में बाकी उधारी में।

कभी बहाने लगा कर ख्वाहिशों को फुसला लिया,
तो कभी वक़्त का बता के दिल को समझा लिया।

सही मौके के चक्कर में मौके खोता गया,
दुनियादारी की दौड़ में मै भी समझदार होता गया।

कुछ को शिकायतें है तो कुछ मलाल लिए बैठे है,
 बहुत थे अरमान मेरे भी कुछ मान गए कुछ अभी भी ऐठे है।
:=मनीष पुंडीर

Tuesday, 13 February 2018

Valentine special | chacha-bhatija | Jai bolenath







#जय_उत्तराखंड


प्यार का कोई दिन नहीं होता।

 तो लो जी आ  गयी नयी वीडियो।।।


पसंद आये तो चैनल subscribe  करना यारो


बाकि ख्याल रखो ख़ुश रहो


#जय_भोलेनाथ





 प्रयास कुछ बेहतर के लिए.....
सबको खुश रहने का हक़ है,अपने दिल की कहने का हक़ है... बस इसी सोच को बढावा देने का ये प्रयास है.

#शर्म

#शर्म क्या हो रहा ये आजकल इंसान को, इंसानियत भूल बन रहा दिन पर दिन शैतान वो। मंदिर में लक्ष्मी को पूजता है पर असल में कोई इज्ज़त नहीं,ऐसे ...